20 साल पुराना अनसुलझा राज़
हवेली के बंद कमरे से रातों-रात कैसे गायब हुई पुश्तैनी तिजोरी?

शहर के पुराने हिस्से में बनी सेठों की 100 साल पुरानी हवेली आज भी लोगों के लिए एक गहरा रहस्य बनी हुई है। बात करीब दो दशक पुरानी है, जब इस हवेली के सबसे सुरक्षित और बंद कमरे से एक भारी-भरकम पुश्तैनी तिजोरी रातों-रात रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई थी। इस तिजोरी में पुश्तैनी सोने-चांदी के गहने और बेशकीमती दस्तावेज़ रखे हुए थे। हैरानी की बात यह थी कि जिस कमरे में तिजोरी रखी थी, उस पर ताला लगा था और हवेली के मुख्य द्वार पर भी रात भर पहरेदार तैनात थे।
उस रात भारी बारिश हो रही थी और हवेली के सभी लोग गहरी नींद में थे। अगली सुबह जब कमरे का ताला खोला गया, तो तिजोरी अपनी जगह से नदारद थी। पुलिस की जांच में न तो कोई खिड़की टूटी मिली, न दरवाज़े का ताला टूटा था और न ही पहरेदारों ने किसी अजनबी को अंदर आते देखा था। कई क्विंटल भारी लोहे की उस तिजोरी को बिना किसी शोर-शराबे के बंद कमरे से बाहर कैसे निकाला गया, यह सवाल पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के लिए एक अनसुलझी पहेली बन गया।
आज इतने सालों बाद भी यह घटना शहर के सबसे चर्चित 'सनसनीखेज़' किस्सों में गिनी जाती है। कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि हवेली के नीचे कोई खुफिया सुरंग थी जिसके बारे में सिर्फ हवेली बनाने वालों को पता था, जबकि कुछ इसे किसी करीबी का ही मास्टरमाइंड प्लान मानते हैं। यह राज़ आज भी हवेली की उन मोटी दीवारों में दफ्न है, जिसे कोई नहीं सुलझा सका।


