डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक स्कैम
पुलिस बनकर ठगने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश

पिछले कुछ महीनों से पूरे देश में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम के एक नए और खौफनाक साइबर स्कैम ने आम लोगों की नींद उड़ा रखी थी। इस ठगी में जालसाज़ खुद को सीबीआई (CBI), कस्टम अधिकारी या पुलिस बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते थे और उन्हें झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर ऑनलाइन ही 'डिजिटल अरेस्ट' कर लेते थे। डरे-सहमे लोग जेल जाने से बचने के लिए तुरंत लाखों रुपये इनके खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
हाल ही में देश की साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि ये ठग असली जैसे दिखने वाले नकली पुलिस स्टेशन के सेट से वीडियो कॉल करते थे और पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों पर रौब झाड़ते थे। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इस तरह के मामलों में अचानक भारी गिरावट आई है, जिससे आम जनता ने बड़ी राहत की सांस ली है।
साइबर विशेषज्ञों ने इस पूरे मामले के बाद एक सख्त एडवाइज़री जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत के कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई चीज़ नहीं है और कोई भी असली पुलिस अधिकारी वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करता। अगर किसी को ऐसा कॉल आए, तो बिना घबराए तुरंत कॉल काटें और 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।



